फौजियों की 10 अहम बातें जो आप को पता नही है!

फौजियों की 10 अहम बातें जो आप को पता नही है!

December 19, 2017 39 By Admin
  1. फौजी आदमी बहुत ही पुनचुअल ओर निष्ठावान होता है। फौजी सुबह उठते ही सबको राम राम बोलते है ओर उसके बाद होता है इनका दिन शुरू।
  2. ये फिजिकल फिटनेस का विशेष ध्यान रखते है इसलिए सुबह 5 बजे से पहले उठते है और फिजिकल एक्सरसाइज करते है। फौजियों की फिजिकल ट्रेनिंग में 5 किलोमीटर रनिंग, लांग जम्प, हाई जम्प, रोप क्लाइम्बिंग तथा अन्य एक्सरसाइजेज है। रनिंग को छोड़कर हेर एक एक्सरसाइज के लिए अलग दिन निर्धारित होता है।
  1. फौजी आदमी अपनी पूरी लाइफ के दौरान सबसे कम सोता है। इनकी ड्यूटी का कोई समय नही होता। ये दिन रात , 24X7 ड्यूटी करते है। फील्ड एरिया में आपरेशन के दौरान इन्हें 72 घण्टे तक लड़ना पड़ता है उस समय खाना और सोना तो दूर, 100% अलर्ट रहना पड़ता है।
  2. आमतौर पर लोग सोचते है कि फौजी केवल लड़ाई के मैदान में पोस्टेड होते है परन्तु इनकी पोस्टिंग 3-3 साल के लिए फील्ड तथा पीस एरिया में होती है।



  3. एक फौजी आदमीं सिविलियन की तुलना में सबसे अधिक ट्रेवल करता है। अपनी सर्विस के दौरान वह देश के अलग अलग भागों में पोस्टेड रहता है तथा वहां की भाषा, संस्कृति, त्योहार, रहन-सहन के बारे में सीखता है। फ़ौज में भी सभी राज्यो से सैनिक आते है इसलिए वो एक दूसरे की संस्कृति तथा रहन सहन को भली भांति समझते है।
  4. फौजी आदमी को ट्रेवल के दौरान फ्री रेलवे टिकट मिलता है। छुट्टी के लिए साल में एक फ्री रेल टिकट तथा बाकी ट्रेवलिंग के लिए 50% छूट मिलती है। लेकिन जब वह एक स्थान से दूसरे स्थान ड्यूटी के लिए जाता है तो उसे फ्री टिकट मिलता है।
  5. आमतौर पर लोग ये सोचते है कि फौजी को शराब फ्री में मिलती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है। उसे शराब के लिए पैसे देने होते है परंतु सिविल के मुकाबले आर्मी की कैंटीन में शराब सस्ती मिलती है।



  6. फौजी आदमी मानसिक रूप से बहुत मजबूत तथा दिल के कोमल होते है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिसके कारण वो मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनते है। यही कारण है कि फौजी आदमी राजस्थान की गर्मी और लेह की बर्फबारी में भी देश की रक्षा करता है। फौजी आदमी अपने घर, परिवार तथा दोस्तो से दूर रहता है इसलिए वह काफी इमोशनल होता है।
  7. फ़ौज में जाति, अंधविश्वास, रिजर्वेशन का कोई स्थान नही है। आर्मी में मंदिर को सर्व धर्म स्थल कहते है जहाँ सभी धर्मों के फौजी मिलकर भगवान को याद करते है। आर्मी में मुस्लिम दीवाली तथा होली भी सेलिब्रेट करते है तथा हिन्दू, सिख ईद, क्रिसमस, लोहरी सेलिब्रेट करते है। कहने का तात्पर्य यह है कि आर्मी में सबसे बड़ा धर्म देश की रक्षा करना होता है और फ़ौज में फौजी धर्म और जाति को भुलाकर प्रेमपूर्वक रहते है।
  8. फौजी आदमी अपने जीवन मे सबसे ज्यादा त्याग करता है। वह सर्विस के दौरान त्योहार, शादिया, घरेलू फंक्शन में शामिल नही हो पाता। जब उसके घर मे कोई बीमार होता है या कोई आकस्मिक घटना होती है तो भी वह वहां नही जा पाता। अपने जीवन के महत्वपूर्ण पल भी वह फ़ौज में जीता है। फ़ौज ही उसके लिए एक परिवार की तरह हो जाती है।




    ये सब बातें एक फौजी को सिविलियन से अलग करती है। एक फौजी देश के लिए इतना सब कुछ करता है उसके पश्चात समाज के कुछ लोग उसकी कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठाते है। ऐसे लोगो को शायद फौजी के जीवन के बारे में पता नही होता।

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