कार इंसोरेन्स करवाते समय कैसे अच्छी प्लान चुनकर अपने पैसे बचाये।

कार इंसोरेन्स




नई कार खरीदकर इंसोरेन्स करवाना कंपल्सरी है। यदि कार इंसोरेन्स अनिवार्य न हो तो भी अपनी सुरक्षा के लिए के लिए करवाना चाहिए। व्हीकल एक्ट अनुसार, कार की डिलीवरी इंसोरेन्स होने के पश्चात ही दी जाती है। यही कारण है कि जब भी आप नई कार खरीदने जाते है तो शोरूम ओनर कार के एक्सशोरूम प्राइस के साथ साथ आपको इंसोरेन्स का अमाउंट भी बताता है। क्योंकि वह जानता है कि कार की डिलीवरी इंसोरेन्स होने के बाद ही दी जाएगी।

बहुत बार शोरूम से इंसोरेन्स करवाने पर कस्टमर को 6000 से 10000 रुपये अधिक लग जाते है। यदि कस्टमर चाहे तो यह पैसे इंसोरेन्स से आसानी से बचा सकते है। इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि कौनसा पालिसी करवानी चाहिए। टिप्स जिसकी मदद से आप नई कार खरीदते समय अपने पैसे आसानी से बचा सकते है। पहले बात करते है कार इंसोरेन्स के प्रकार के बारे में

कार इंसोरेन्स के प्रकार

यह मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते है।

  • लायबिलिटी कवर

    यह इंसोरेन्स मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत करवाना अनिवार्य है। इस इंसोरेन्स मे थर्ड पार्टी इंसोरेन्स कवर मिलती है। यदि कार ओनर की गलती से कोई एक्सीडेंट हो जाता है तो दूसरे व्हीकल वाले को जो नुकसान होता है उसकी भरपाई लायबिलिटी कवर के तहत की जाती है। इस इंसोरेन्स मे दूसरे व्हीकल को होने वाला नुकसान तथा ड्राइवर या पैसेंजर को लगने वाली चोट के इलाज के लिए जो मेडिकल बिल्स आते है वह कवर होते है।




  • कॉलिजन इंसोरेन्स (Collision cover)

    इस इंसोरेन्स कवर के होने से एक्सीडेंट के बाद होने वाली कार की रिपेयर का पूरा खर्च इंसोरेन्स कंपनी देती है। बहुत बार रिपेयर का खर्च कार की मार्किट वैल्यू से भी अधिक होता है उस सिचुएशन में बीमा कंपनी कार की मार्किट वैल्यू के बराबर इंसोरेन्स का पैसा देती है।

  • पर्सनेल इंजरी कवर

    इस इंसोरेन्स पालिसी के तहत एक्सीडेंट से कार मालिक को होने वाले नुकसान की भरपाई होती है। एक्सीडेंट में ड्राइवर या पैसेंजर को चोट लगने के बाद ट्रीटमेंट पर जो खर्च होता है उस स्थिति में यह पालिसी पैसा देती है।

  • कंप्रेहेंसिव इंसोरेन्स कवर

    यह कार इंसोरेन्स सभी रिस्क फैक्टर्स को कवर करता है। इस कार इंसोरेन्स में कार की डैमेज, पर्सनल इंजरी, थर्ड पार्टी (जिसके साथ एक्सीडेंट हुआ हो) कार डैमेज, थर्ड पार्टी ड्राइवर तथा पैसेंजर का इंसोरेन्स रहता है। इंसमे कार के टकराने के अलावा प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, तूफान, आग इत्यादि से होने वाले नुकसान की भी इंसोरेन्स कंपनी द्वारा भरपाई की जाती है।

इन सब कार इंसोरेन्स के टाइप को पढ़कर आपको समझ आ गया होगा कि कौन कौन सा प्लान आपको लेना चाहिए। जब भी आप अपनी नई कार ले उस समय इंसोरेन्स प्लान लेते समय नीचे दिए गए टिप्स को अवश्य ध्यान में रखे।

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बेस्ट कार इंसोरेन्स चुनने के लिए टिप्स

  1. नई कार का इंसोरेन्स करवाते समय पहले यह निर्णय करले कि कौनसा इंसोरेन्स लेना चाहते है।
  2. कोशिश करे कि नई कार का इंसोरेन्स जीरो डेप्रिसिएशन पर करवाये। यदि जीरो डेप्रिसिएशन पर करवाते है तो होने वाले नुकसान की पूरी भरपाई इंसोरेन्स कंपनी करती है।
  3. नई कार का इंसोरेन्स बम्पर टू बम्पर होना चाहिए। यानी कार में कुछ भी नुकसान होता है तो आपको इंसोरेन्स क्लेम का पैसा मिलेगा। बहुत सारी इंसोरेन्स पालिसी में प्लास्टिक मटेरियल, टायर या टायर टयूब इंसोरेन्स में कवर नही होते है। इसलिए पहले सुनिश्चित करे कि इंसोरेन्स बम्पर टू बम्पर हुआ है।
  4. इंसोरेन्स करने से पहले यह सुनिश्चित करले की कंपनी इंसोरेन्स क्लेम कितने बार आफर कर रही है। यानी यदि कार डैमेज वर्ष में 3 बार हुई है तो कंपनी तीनो बार नुकसान की भरपाई कर रही है या सिर्फ एक बार।
  5. यह सब जानकारी पता करने के पश्चात इंसोरेन्स प्लान की ऑनलाइन तुलना करें। पता लगाएं की कौनसी कंपनी सबसे अच्छा तथा सस्ता इंसोरेन्स पालिसी आफर कर रही है।
  6. हमेशा रेपुटेड कंपनी से ही इंसोरेन्स करवाये जो इंसोरेन्स क्लेम सर्विस अच्छी देती हो।




कार इंसोरेन्स पर डिस्काउंट पाने का टिप्स

जब आप नई कार खरीदने के लिए शोरूम जाते है तो कार डीलर से केवल कार का एक्सशोरूम प्राइस पूछे। यदि शोरूम का सेल्स पर्सन आपको कार के एक्सशोरूम प्राइस के साथ इंसोरेन्स के पैसे भी जोड़ कर बताता है तो उसे कहे कि केवल कार का प्राइस बताये। उसे कहे यदि इंसोरेन्स पर अच्छा डिस्काउंट मिलेगा तो ही शोरूम से इंसोरेन्स करवाएंगे अन्यथा स्वयं ऑनलाइन कार पालिसी करने की बात कहे।

इसके बाद जिस दिन कार की डिलीवरी लेने जाए उससे पहले कार इंसोरेन्स पालिसी की तुलना ऑनलाइन करे। कार के मॉडल इत्यादि डालने से आसानी से आपको सभी कंपनी के कार इंसोरेन्स पालिसी की डिटेल मिल जाएगी। यह कार इंसोरेन्स आपको शोरूम सेल्स पर्सन द्वारा इंसोरेन्स पालिसी के बताए गए प्राइस से 5000 रुपये से 8000 रुपये तक सस्ता मिलेगा।

कार इंसोरेन्स आप पालिसी बाजार की वेबसाइट पर जाकर सभी कंपनियों के कार इंसोरेन्स पालिसी की तुलना कर सकते है। यदि आपको इससे सम्बंधित कोई भी डाउट होता है तो आप पालिसी बाजार कस्टमर केअर से बात भी कर सकते है। वह आपको कार इंसोरेन्स की सभी डिटेल तथा प्राइस अच्छे से समझा देंगे।

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इसके बाद अपनी जरूरत अनुसार दो से तीन इंसोरेन्स प्लान चुन लें। जिस दिन कार डिलीवरी के लिए जाए तो सेल्स पर्सन से कार इंसोरेन्स के बारे में पूछे। जब वह कार इंसोरेन्स प्राइस बताये तो उसे ऑनलाइन कार इंसोरेन्स पालिसी के बारे में बताये। उससे डिस्काउंट के बारे पूछे अन्यथा उसे कार इंसोरेन्स ऑनलाइन करवाने के बारे में कह दे। इस प्रकार आप आसानी से 5000 रुपये से 8000 रुपये तक डिस्काउंट प्राप्त कर लेंगे।



यदि वह डिस्काउंट नही भी देता है तो भी आप शोरूम से ही ऑनलाइन कार इंसोरेन्स कर सकते है। अधिकतर केस में शोरूम मैनेजर आपको डिस्काउंट दे देगा। इस प्रकार आप कार इंसोरेन्स में अपने पैसे बचा सकते है। दोस्तो इस प्रकार मैन स्वयं डिस्काउंट प्राप्त किया है और उम्मीद है आप भी आसानी से अपने पैसे बचा सकते है।

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जय हिंद जय भारत।

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