भारतीय सेना की रिटायरमेंट सर्विस 15 वर्ष से बढ़कर 20 वर्ष होने में जवानों को क्या फायदा तथा नुकसान होगा।

भारतीय सेना की रिटायरमेंट सर्विस 15 वर्ष से बढ़कर 20 वर्ष होने में जवानों को क्या फायदा तथा नुकसान होगा।

July 1, 2018 28 By Admin




भारतीय थल सेना, वायु सेना तथा जल सेना ऐसी केंद्रीय नौकरी है जिसमे रिटायरमेंट के बाद अब भी पेंशन दी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा अन्य केंद्र सरकार की नोकरियो में पेंशन बन्द कर दी गयी है और कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय एक साथ पेंशन की राशि दे दी जाती है। सेना में रिटायरमेंट के बाद पेंशन देने का मुख्य कारण यह भी है की फौजी 15 साल 3 महीने बाद ही Voluntary Retirement Scheme(VRS) के तहत रिटायरमेंट ले सकते है और जब वो Premature retirement लेते है तो उनकी आयु लगभग 35 वर्ष होती है। फौजियो को रिटायरमेंट के बाद फाइनेंसियल सपोर्ट देने के लिए केंद्र सरकार सिर्फ डिफेंस पर्सन को पेंशन देती है जबकि अन्य केंद्र नोकरियो में रिटायरमेंट की उम्र 58 से 60 वर्ष है इसलिए उन्हें पेंशन की ज्यादा आवश्यकता नही होती।



कुछ समय से सोशल मीडिया पर डिफेंस मिनिस्ट्री का एक लेटर वायरल हो रहा है जिसमे फौजियो की रिटायरमेंट सर्विस बढ़ाने सम्बन्धित बात की गई है तो आज हम उसी लेटर के बारे में डिटेल से बात करेंगे। उस लेटर की कॉपी नीचे फोटो में दी गई है।

यह लेटर DG Inf ने केवल इन्फेंट्री रिकार्ड्स को सेंड किया है ओर इस लेटर की वैधता की अभी पुष्टि नही हुई है।

इस लेटर के अनुसार रिटायरमेंट सर्विस को बढ़ाने के लिए सुझाव मांगा गया है। पिछले कुछ वर्षों में प्री-मैच्योर रिटायरमेंट लेने वाले सोल्जर की संख्या काफी बड़ी है जिससे सरकार को अतिरिक्त पेंशन का बोझ उठाना पड़ता है।

पेंशन के अतिरिक्त नए जवानों की भर्ती तथा ट्रेनिंग पर भी खर्च बढ़ता है।
इस लेटर के मुख्य बिंदु निम्नलिखित है

  1. सेना के जवानों की रिटायरमेंट सर्विस 15 वर्ष से 20 वर्ष की जाए।
  2. जवानों की ट्रेनिंग का समय इस 20 वर्ष में शामिल न हो मतलब पासिंग आउट परेड के 20 वर्ष बाद जवान रिटायरमेंट ले सकता है।
  3. यदि रिटायरमेंट की सर्विस नही बढ़ानी हो तो 15-17 वर्ष में रिटायरमेंट जाने वाले जवान को 75%, 17-20 वर्ष में रिटायर जाने वाले जवान को 85% तथा 20 वर्ष से अधिक सर्विस करने के बाद रिटायरमेंट जाने वाले जवान को 100% पेंशन मिले।

यदि रिटायरमेंट सर्विस के सुझाव को लागू किया जाता है तो जवानों पर इसका प्रभाव

  1. रिटायरमेंट सर्विस बढ़ने से जवानों के प्रमोशन में 5 वर्ष तक की देरी हो सकती है।
  2. यदि जवान 15 से 17 वर्ष सर्विस के बाद रिटायर होता है तो उसको वर्तमान की पेंशन का केवल 75% ही मिलेगा।
  3. इस पालिसी के लागू होने से आर्मी में नई रिक्रूटमेंट में भारी कमी होगी तथा जो जवान अब आर्मी रैली की तयारी कर रहे है उन्हें कम वेकैंसी के कारण निराशा हो सकती है।
  4. सेना में युवा जवानों के कम होने के कारण सीनियर जवानों पर अतिरिक्त भार आएगा।
  5. यदि जवान 20 वर्ष में रिटायरमेंट लेगा तो सबसे ज्यादा नुक्सान उन जवानों को होगा जिनको अधिक उम्र होने के कारण सेना में प्रमोशन नही मिलेगा तथा उस समय तक वो सिविल में नॉकरी के लिए एलिजिबल नही होंगे।
  6. 20 वर्ष बाद रिटायर होने वाले जवान सिविल में नॉकरी के लिए ओवर ऐज होने के करीब होंगे इसलिए उन्हें सिविल में सेटल होने में प्रॉब्लम होगी।




यदि सरकार सेना के जवानों की रिटायरमेंट सर्विस बढ़ाना चाहती है तो वह उन्हें जबरदस्ती रिटायरमेंट सर्विस बढ़ाने की बजाय इस पालिसी को इस प्रकार तैयार करे कि जवान अपनी मर्जी से रिटायरमेंट सर्विस बढ़ाये। हमारी तरफ से कुछ सुझाव इस प्रकार है

  1. यदि 15-17 वर्ष में पेंशन जाने वाले जवान को 100% पेंशन मिल रही है तो 20 वर्ष में पेंशन जाने वाले जवान को 120% पेंशन दे ।
  2. 20 वर्ष सर्विस होने पर इन्क्रीमेंट 3% की बजाय 5% मिले।
  3. 20 वर्ष सर्विस करने वाले जवान के एक की बजाय दो डिपेंडेंट को रिलेशनशिप भर्ती का फायदा मिले।

इस प्रकार केंद्र सरकार अलग अलग इंसेंटिव के जरिये जवानों को ज्यादा सर्विस करने के लिए मोटीवेट कर सकती है। सरकार ने प्रीमैच्योर रिटायर जाने वाले जवानों को पहले ही OROP(One Rank One Pension) के बेनिफिट से बाहर रखा है यदि 15 वर्ष में रिटायर जाने वाले जवानों को पेंशन केवल 75% मिलेगी तथा उसे One Rank One Pension का फायदा भी नही मिलेगा तो यह उसके लिए काफी हताश करने वाला निर्णय होगा।

सरकार पहले ही CSD कैंटीन में जवानों को मिलने वाली सुविधा में कटौती कर चुकी है

सरकार ने जवानों को बराबर मिलिट्री सर्विस पे देने के फैसले को भी ठंडे बस्ते में डाल रखा है

यदि सरकार के ऊपर पेंशन का अतिरिक्त बोझ आ रहा है तो सरकार को रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने की बजाय सेना की संख्या को कम करने के बारे में सोचना चाहिए। नीचे हमने एक पोल आरम्भ किया है जिसमे आपको रिटायरमेंट सर्विस बढ़ाने के बारे में वोट करना है तथा नीचे कमेंट सेक्शन में आप अन्य कोई सुझाव भी बता सकते है।





यदि आप चाहते है कि हमारे जवानों को इस पालिसी के फायदे तथा नुकसान का पता चले तो इस पोस्ट को शेयर करे।

जय हिंद जय भारत

(इस पोस्ट में लेखक के अपने पर्सनल विचार है जो आपसे अलग हो सकते है)

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