क्या Indian Army/पैरामिलिट्री का जवान एक वर्ष में 3 रेलवे सीट का हकदार नही है।




भारतीय सेना के त्याग को हर कोई सलाम करता है। जब भी हमारे देश मे कोई आर्मी या पैरामिलिट्री का जवान शहीद होता है तो न्यूज़ चैनल, राजनेता, जनता उसे इतना सम्मान देती है जो कि तारीफे काबिल है लेकिन जब भी कोई Indian Army Soldier छुट्टी या temporary Duty के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान जाता है और उसके पास रिजर्व्ड रेलवे सीट नही होती है तो कोई भी उसे अपनी सीट पर बैठने के लिए भी नही पूछता। यूरोपियन तथा अमेरिकन देशों में जब उनकी आर्मी के जवान गुजरते है तो वो लोग खड़े होकर तालिया बजाकर उनका स्वागत करते है, हर जगह उनको सम्मान दिया जाता है, इससे जवानों का आत्मसम्मान बढ़ता है।

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दोस्तो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय सेना के लिए काफी अच्छे फैसले लिए है जैसे One Rank One Pension(OROP), Allowance for Uniform, high quality Bullet Proof Jacket, जम्मू तथा कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ एक्शन लेने की छूट, सर्जिकल स्ट्राइक, आर्मी के ढांचे में बदलाव इत्यादि प्रमुख कार्य है। इनके साथ साथ उन्हें भारतीय जवानों के आत्मसम्मान तथा सुविधा के लिए भारतीय रेलवे में कन्फर्म सीट की व्यवस्था भी करनी चाहिए।


आज में आपसे इस पोल्ल के जरिये पूछना चाहता हु की क्या जवानों को छुट्टी आते जाते समय कन्फर्म ट्रैन की टिकट मिलनी चाहिए या नही। हम इस पोल्ल के रिजल्ट भारतीय सरकार तक पहुचायेंगे ताकि उन्हें पता चले कि देश की जनता भी भारतीय जवानों के सम्मान के लिए त्याग करने को तैयार है।

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इस पोल्ल में हमे कम से कम एक लाख वोट चाहिए ताकि हम भारतीय सरकार के आगे हमारे सैनिको की सुविधा के लिए बात रख सके। माननीय श्री नरेन्द्र मोदी ही सैनिको के लिए इस व्यवस्था को लागू कर सकते है इसलिए आप से निवेदन है कि इसमें वोट करे, इसे दोस्तो से शेयर करे तथा उन्हें वोट करने के लिए बताये।

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भारतीय सेना के जवान 24 घण्टे ड्यूटी करते है हमेशा अपनी जान को जोखिम में डालकर देश की शरहदो की रक्षा करते है। जब भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी पूरे देश ने उनको सलाम किया था परन्तु जब वही जवान छुट्टी आता है तो उन्हें ट्रैन में बाथरूम के पास ट्रैन फ्लोर पर रात गुजारनी पड़ती है।

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इससे जवान के आत्मसम्मान में व्रद्धि होगी।

जवानों को कन्फर्म सीट देने का दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि उनकी छुट्टी, या टेम्पररी duty पहले से तय नही होती उन्हें ज्यादा से ज्यादा एक महीने पहले छुट्टी की कन्फर्मेशन मिलती है और उनका सफर जम्मू से केरल तथा अरूणाचल प्रदेश से गुजरात तक लम्बा है। एक महीने में उनका रिजर्वेशन कन्फर्म नही हो पाता और उन्हें बगैर सीट के यात्रा करनी पड़ती है। कई बार तो नोबत यहां तक आ जाती है कि AC3 का टिकट होने के बाद, वेटिंग के चलते TT उन्हें कंपार्टमेंट में भी नही घुसने देता।

देखिये किस तरह जवानों को ट्रेन में रात गुजारनी पड़ती है।

अब बात करते है कि सरकार कैसे जवानों के लिए अलग से सीट की व्यवस्था कर सकती है जिससे जवानों को सीट भी मिले और भारतीय रेलवे का नुकसान भी न हो।
रेलवे को सभी मुख्य ट्रेन्स में कम से कम 50 सीट भारतीय सेना तथा पैरामिलिट्री के लिए रिजर्व्ड रखनी चाहिए ताकि जवान छुट्टी जाते समय कन्फर्म सीट ले सके। यदि इन सीटों में ट्रेन चलने से एक दिन पहले तक सीट खाली रहती है तो उन्हें तत्काल सीट में जोड़ देना चाहिए इससे रेलवे को नुकसान भी नही होगा ।

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कहने के लिए कुछ ट्रेनों में डिफेंस कोटा होता है जिसमे 4 से 7 सीट होती है परंतु यह बहुत कम ट्रेनों में होता है और इतनी सीट से सभी जवानों को सीट नही मिल पाती।

यदि इससे संबंधित आपके पास कोई सुझाव है तो जरूर कमेंट करके बताये।

ओर इस पोल्ल मे वोट डालकर सरकार सरकार को इस समस्या से अवगत कराएं।

जय हिंद जय भारत।

3 thoughts on “क्या Indian Army/पैरामिलिट्री का जवान एक वर्ष में 3 रेलवे सीट का हकदार नही है।”

  1. i am shiv shingj meena my family total mamber army person so all indian army soldier comm set to railway pleas write to latter indian raliway and pm to benifit esm and soldier

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