Indian Army medical test कैसे ओर कहा होता है

Indian Army medical test कैसे ओर कहा होता है

October 15, 2018 6 By Admin




Indian army bharti में फिजिकल टेस्ट पास करने के बाद सभी कैंडिडेट का मेडिकल टेस्ट किया जाता है। मेडिकल टेस्ट पास करने के बाद ही कैंडिडेट को लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए जाते है। आज हम बात करेंगे कि Indian army medical test कैसे किया जाता हैं तथा कैंडिडेट को इंडियन आर्मी के मेडिकल टेस्ट में पास होने के लिए किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

Indian Army Medical Test details

Indian army medical test भारतीय सेना चिकित्सा कोर (Army Medical Corp) के मेडिकल अफसर द्वारा भर्ती के स्थान पर ही किया जाता है। सामान्य तौर पर प्रत्येक आर्मी रिक्रूटमेंट आफिस में एक मेडिकल अफसर पोस्टेड रहता है जो कि आर्मी भर्ती के दौरान फिजिकल टेस्ट पास करने वाले कैंडिडेट का मेडिकल टेस्ट करता है आर्मी भर्ती का मेडिकल टेस्ट काफी बारीकी से किया जाता है तथा कैंडिडेट का आर्मी में भर्ती होने के लिए मेडिकल फिट होना अनिवार्य है


आर्मी मेडिकल टेस्ट में कैंडिडेट की eye sight 6/6 होनी चाहिए तथा कलर ब्लाइंडनेस नही होना चाहिए। कैंडिडेट का कान साफ तथा कान का पर्दा ठीक होना चाहिए जिससे वो सामान्य रूप से सुन सके। Nasal Septum (नाक की हड्डी) ठीक होनी चाहिए ताकि कैंडिडेट को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो।

Indian army medical test

इसके अलावा कैंडिडेट की सभी हड्डियां ठीक होनी चाहिए उनमें कोई भी टूट फुट नही होनी चाहिए। हाथ की हड्डियां जैसे radius तथा ulna सीधी होनी चाहिए कई बार कैंडिडेट्स को इनमें प्रॉब्लम होती है। इसके अलावा कैंडिडेट की हार्ट बीट (दिल की धड़कन) सामान्य होना आवश्यक है। Indian army medical test में जवान का X Ray, Ultrasound तथा ब्लड टेस्ट नही कराए जाते है परन्तु मेडिकल अफसर चाहे तो मिलिट्री हॉस्पिटल में जांच करा सकते है।

इसके अलावा कैंडिडेट को कोई भी मेडिकल या सर्जिकल से सम्बंधित बीमारी जैसे ह्रदय रोग, फेफड़ो से सम्बंधित बीमारी, बवासीर, घुटनो का आपस मिलना इत्यादि नही होने चाहिए। कैंडिडेट त्वचा से सम्बंधित बीमारी नही होनी चाहिए जैसे vitiligo (सफेद दाग), warts, hyperhydrosis (हाथ तथा पैर से ज्यादा पसीने आना), टैटू इत्यादि।
मुख्य रूप से इंडियन आर्मी में भर्ती होने के लिए जवान मानसिक तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। यदि किसी कैंडिडेट को आर्मी भर्ती के दौरान मेडिकल अफसर के द्वारा अनफिट पाया जाता है तो कैंडिडेट के पास रिव्यु मेडिकल का भी चांस रहता है


इस स्थिति में कैंडिडेट रिव्यु मेडिकल के लिए अपील करता है तथा कैंडिडेट का दोबारा मेडिकल मिलिट्री हॉस्पिटल में उस बीमारी से सम्बंधित स्पेशलिस्ट के द्वारा किया जाता है ओर स्पेशलिस्ट के द्वारा उसे मेडिकली फिट या अनफिट कर दिया जाता है

दोस्तो यह थी Indian army medical test से सम्बंधित मुख्य बाते। भर्ती में जाने से पहले प्रत्येक कैंडिडेट को एक बार अपना मेडिकल करवा लेना चाहिए क्योकि कैंडिडेट्स को जिन बीमारियों के चलते अनफिट किया जाता है उनमें से कुछ को हम ट्रीटमेंट लेकर समय से पहले ठीक कर सकते है। यदि आप आर्मी भर्ती से पहले अपने मेडिकल टेस्ट करवाते है तो आपको पहले ही पता चल जाएगा कि आपको किस बीमारी में निकाल सकते है और आप भर्ती से पहले ट्रीटमेंट लेकर उसको ठीक कर सकते है।



भर्ती में जाने से पहले आने कानो को अच्छे से साफ करवा कर जाए। बहुत बार कैंडिडेट को कान में वैक्स होने के कारण भी अनफिट कर दिया जाता है।
दोस्तो इस प्रकार आप भर्ती से पहले अपना मेडिकल करा कर अपने आप को मेडिकल अनफिट होने से बचा सकते है। यदि आपको आर्मी रिक्रूटमेंट से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते है। इंडियन आर्मी लिखित परीक्षा का स्टडी मटेरियल प्राप्त करने के लिए नीचे अपना ईमेल एड्रेस डाल कर सब्सक्राइब का बटन अवश्य दबाए।

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